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5 गोल्डन कपल

Posted on 23 मार्च 2011 by admin

समय से परे यदि नजर डालें तो ऐसी जोड़ियों की चमक आज भी आंखें चौंधियां देगी, जो पर्दे पर और असली जीवन में भी सालों-साल साथ रहे व सफल रहे

अमिताभ बच्चन-जया बच्चन
Õæॅलीवुड के सबसे चर्चित दंपत्ति अमिताभ व जया बच्चन का फिल्मी कैरियर भी बेहद सफल रहा है। पुणे के फिल्म संस्थान की गोल्ड मेडलिस्ट जया भादुड़ी के मित्र अमिताभ बच्चन जब फिल्मों में संघर्ष कर रहे थे तो उन्हें ‘जंजीर’ मिली। लेकिन अमिताभ के साथ कोई भी सफल अभिनेत्री काम करने के लिए राजी नहीं थी। ऐसे में अमिताभ ने अपनी प्रेमिका जया भादुड़ी से ये रोल करने का आग्रह किया। और ‘जंजीर’ के हिट होने पर अमिताभ ने जया भादुड़ी को लंदन घुमाने का वादा किया था। ‘जंजीर’ सुपर हिट रही। जब उन्होंने जया को लंदन घुमाने की बात अपने पिता को बताई तो, उनके पिता ने कहा कि वे तब अनुमति देंगे जब वे पहले शादी कर ले और फिर जाएं घूमने। सो, जया व अमिताभ ने 3 जुलाई 1973 को विवाह रचा लिया।
फिल्में- ‘जंजीर’, ‘अभिमान’, ‘मिलि’, ‘शोले’, ‘सिलसिला’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘चुपके-चुपके’।
क्या है खास- 37 वर्षों का लंबा वैवाहिक जीवन बिता चुकी इस दंपत्ति के पुत्र अभिषेक बच्चन व पुत्रवधु ऐश्वर्या राय बच्चन भी फिल्मों में हैं। राजनीति में भी दोनों लोग अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। इस जोड़ी के सफल वैवाहिक जीवन की सफलता का राज जया के फराखदिली में छुपा हुआ है, उन्होंने अमिताभ को उनके कथित विवाहेत्तर संबंधों के लिए न सिर्फ माफ कर दिया, अपितु उन्हें सच्चे मन से स्वीकार करने में कभी देर भी नहीं लगाई।

हेमा मालिनी-धमर्ेंद्र
60 के दशक के उतरार्ध में बॉलीवुड में एक चेहरा ऐसा चमका, जिसको देख सब बरबस बोल उठे-’ड्रीमगर्ल’। लाखों दिलों की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी को आकर्षित किया बॉलीवुड के ही मैन धमर्ेंद्र ने। इस जोड़ी की अनोखी कैमिस्ट्री ने पर्दे पर सचमुच कयामत ढा दी। पहले से शादीशुदा और दो बच्चों के पिता धमर्ेंद्र से विवाह करने के लिए हेमा मालिनी को अपने परिवार का कड़ा विरोध सहना पड़ा। हेमा के पिता उनके इस संबंध के घोर विरोधी थे। हेमा ने धमर्ेंद्र से विवाह अपने पिता की मृत्यु के उपरांत किया। और उनकी मां भी कभी इस विवाह को स्वीकार नहीं पाईं। आज इनकी दो बेटियां ईशा देयोल और आहना देयोल हैं।
फिल्में- ‘शोले’, ‘आस पास’, ‘जुगनु’, ‘सीता और गीता’, ‘चरस’, ‘दि बर्निंग ट्रेन’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘राजपूत’ आदि।
क्या है खास – ग्लैमर व स्टाइल से परिपूर्ण हेमा व धमर्ेंद्र आज भी अपना ग्लैमर बिखेरते हैं। राजनीति में दोनों ने अपना हाथ आजमाया है। बकौल हेमा ‘उम्र व समय ने हमारे प्रेम पर अपना असर नहीं छोड़ा है। आज भी वो मुझे ऐसे ही देखते हैं जैसा पहली बार देखा था।’

नीतू सिंह – ऋषि कपूर
Ùèतू सिंह व ऋषि कपूर 70 के दशक में ‘टीनएज रोमांटिक पेयर’ के रूप में चर्चित रहे। एक परिकथा की तरह इनकी प्रेम कहानी उस वक्त सबकी जुबान पर रहती थी। ऋषि कपूर शोमैन राजकपूर के पुत्र होने के नाते पहले से इंडस्ट्री में अपना दबदबा रखते थे। 21 वर्ष की उम्र में नीतू सिंह को ऋषि कपूर से प्यार हुआ और 1979 में इन्होंने शादी कर ली।
फिल्में-’कभी-कभी’, ‘रफूचक्कर’, ‘खेल खेल में’, ‘अमर अकबर एंथनी’ आदि।
क्या है खास- ऋषि कपूर व नीतू सिंह के पुत्र रणबीर कपूर भी वर्तमान में बॉलीवुड के नए ‘हार्ट थ्रोब’ बनकर उभरे हैं। नीतू व ऋषि की ऑन स्क्रीन कैमिस्ट्री में अभी भी वही जादू है, उनकी हालिया फिल्म ‘दो दूनी चार’ देखकर तो कम से कम ऐसा ही लगता है।

सायरा बनो-दिलीप कुमार
जब बॉलीवुड में सायरा बानो ने कदम रखा उस वक्त तक दिलीप कुमार एक सुपरस्टार बन चुके थे। अपने से आधी उम्र की सायरा बानो के साथ दिलीप कुमार ने जब निकाह रचाया जो फिल्म समीक्षकों की प्रतिक्रियाएं भिन्न थीं। ज्यादातर लोगों का मानना था कि उनका वैवाहिक जीवन अधिक समय तक नहीं चल पाएगा। परंतु सभी प्रतिक्रियाओं को झुठलाते हुए ये जोड़ा आज भी प्रेम व शांति की नई इबारत लिख रहा है।
फिल्में- ‘गोपी’, ‘सगीना’, ‘राम और श्याम’ तथा ‘बैराग’।
क्या है खास-दिलीप कुमार के प्रेम में दीवानी सायरा बानो ने शादी करते ही फिल्में छोड़ दी, जबकि उस वक्त उनका कैरियर सफलता की उड़ान भर रहा था।

शर्मिला टैगोर-मंसूर अली खान पटौदी
सत्यजीत रे की खोज शर्मिला टैगोर ने जब बॉलीवुड में ‘कश्मीर की कली’ में अपनी खूबसूरती का जादू बिखेरा तो लाखों दिलों की वे रानी बन बैठीं। खूबसूरत चेहरा और शालीनता दोनों का संगम शर्मिला में नजर आता है। 27 दिसंबर 1969 में फिल्मी कैरियर से बिल्कुल विपरीत क्रिकेट स्टार मंसूर अली खान, जो उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे उनसे उन्होंने प्रेम विवाह रचा सबको हैरत में डाल दिया।
क्या है खास- मंसूर अली खान, पटौदी के 9वें और अंतिम नवाब रहे हैं। उनका ये खिताब 1971 तक कायम रहा, जब तक देश में शाही खिताब खत्म करने का संशोधन नहीं लागू हुआ था। वहीं दूसरी ओर शर्मिला टैगोर भी महान कवि रविन्द्रनाथ टैगोर के परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
फिल्मों से दूर रहने वाले मंसूर अली ने कभी भी शर्मिला को फिल्मों में काम करने से नहीं रोका। वे आज भी फिल्में कर रही हैं। उनके सुपुत्र सैफ अली खान व सुपुत्री सोहा अली भी बॉलीवुड में नाम कमा चुके हैं।

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