अपनी पहली फिल्म ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ से लेकर अब तक एक अलग और नायाब अभिनेत्री की पहचान बना चुकी चित्रांगदा तो जैसे सुधीर मिश्रा की प्रेरणा बन चुकी हैं। चित्रांगदा की आने वाली फिल्म है ‘यह साली जिंदगी’ तो आइए उन्हीं से जानें फिल्म और उनके कैरियर से जुड़ी कुछ खास बातें-
फिल्म ‘यह साली जिंदगी’ में खुद को कैरेक्टर में ढालना आपके लिए कितना मुश्किल?
मेरे लिए काफी मुश्किल रहा, क्योंकि यह लड़की प्रीति अपने प्यार को लेकर इतनी ‘पजेसिव’ है कि उसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है, किसी का मर्डर भी कर सकती है। दरअसल वह अपने प्यार के मामले में जितनी मासूम है, वहीं दूसरी तरफ बहादुर, स्ट्रांग और स्वार्थी भी हैं। एक लड़की में यह दोनों विसंगतियां दर्शाना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल रहा। अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि वह थोड़ी ‘सायको’ है और इसमें ग्रे शेड भी हैं।
अपनी असली जिंदगी में आपने कितनी बार कहा है ‘यह साली जिंदगी’?
कई बार, इंफैक्ट मैं अक्सर कहती रहती हूं। दरअसल कई बार हमें कुछ ऐसे फैसले करने पड़ते हैं जिन पर हम चाहकर भी कायम नहीं रह पाते और कुछ फैसले ऐसे होते हैं जिन पर हमें जबर्दस्ती कायम रहना पड़ता है और यही हमारी जिंदगी की सच्चाई है। इंफैक्ट इस फिल्म में एक जगह पर यह कह भी गया है कि ‘कुछ बुलेट्स हमारी जिंदगी ले जाते हैं और कुछ हमारी जान बचाते हैं।’
रोहित धवन की फिल्म ‘देसी बॉया’ में आप कॉमेडी कर रही हैं, सो कॉमेडी करना कितना आसान रहा?
इस फिल्म में सिचुएशनल कॉमेडी है, जो चीजों को बहुत फनी बनाती हैं। जहां तक आसान या मुश्किल की बात है तो यह फिल्म देखकर आप खुद तय करें कि आपको मेरी कॉमिक टाइमिंग पर हंसी आती है या नहीं। हां एक बात मैं बता दूं कि इस फिल्म में जरा भी माइंडलेस कॉमेडी नहीं है। साथ ही कहानी पक्ष भी काफी मजबूत है।
आपको नहीं लगता ‘देसी बॉया’ में अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम के बीच आप कहीं नजरअंदाज हो जाएंगी?
बिल्कुल नहीं। वह अपने सीन कर रहे हैं और मैं अपने। मुझे नहीं लगता कोई किसी की वजह से नजरअंदाज हो सकता है। मैं यह सब बातें नहीं सोचती और ना सोचना चाहूंगी। मैं अपने काम के साथ बहुत खुश हूं।
आप किस तरह की फिल्में देखना पसंद करती हैं?
पर्सनली मुझे ड्रामा पसंद हैं और लव स्टोरी फिल्में मेरी सदाबहार पसंद है। हिंदी फिल्मों में खास तौर से ‘शोले’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’,'काश’ और ‘अर्थ’ मेरी फेवरिट फिल्म है।
आपके लिए कहानी इंपोटर्ेंट है या निर्देशक?
मेरे लिए निर्देशक बहुत जरूरी है क्योंकि आपके पास कितनी भी अच्छी
कहानी और स्टार्स हो मगर जरूरी यह है कि आप उसे किस तरह से इस्तेमाल में लाते हैं।
फैमिली के साथ अब आप फिल्मों में भी एक्टिव होने जा रही हैं तो खुद के लिए कितने चैलेंजेस पाती हैं?
देखिए हर वर्किंग वूमन की तरह मैं खुद को भी देखती हूं। हम सभी औरतों को हर रोज काफी चैलेंजेस का सामना करना पड़ता है मगर जैसा कि मैंने आपको बताया एक्टिंग मेरे लिए पैशन है सो मुझे बहुत अधिक मुश्किल नहीं होती।
आपको लगता है एक बार फिर वह वक्त आ गया है जब फीमेल स्टार्स को अपना हुनर दिखाने का अधिक मौका मिल रहा है?
मुझे लगता है यह हमेशा से था, अगर ऐसा नहीं होता तो हमें किसी एक्ट्रेस का नाम नहीं पता होता। इसमें दो राय नहीं कि हमारा समाज और देश पुरुष प्रधान है मगर अब हमारे यहां काफी बदलाव आ रहे हैं और स्पेशियली पिछले 5 सालों में तो जबर्दस्त बदलाव आया है। सो, मुझे यकीन है कि अब महिला प्रधान फिल्मों को भी काफी तवाो मिलेगी।
आपको कैरियर के लिहाज से आपके पति ज्योति रंधावा कितना प्रोत्साहित करते हैं?
सच कहूं तो मैं बहुत लकी हूं कि मुझे ज्योति जैसे पति मिले जो खुद बहुत एम्बिशियस हैं और मेरे एंबिशन को समझते हैं। जहां तक गोल्फ की बात है तो मुझे यह गेम बहुत पसंद है और मैं उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करती हूं। कई बार मैं उनका बैग भी उठा लेती हूं सो हम हर तरह से एक-दूसरे की मदद करते हैं। वैसे एक्टिंग के लिहाज से मेरी बजाए दीपिका उनकी फेवरिट है।
आपके बेटे की आपके बारे में क्या राय है?
अभी वह सिर्फ साढे तीन साल का है सो अभी वह नहीं बता सकती कि उसकी मेरे बारे में क्या राय है।
चित्रांगदा को आप किस तरह की एक्ट्रेस मानती हैं?
मुझे लगता है यह आपका काम है। आप मुझे बताएं मेरे बारे में। वैसे मुझे लगता है मैं हर मामले में बहुत पैशनेट हूं। मैं जो भी करती हूं पूरे दिल से करती हूं, स्पेशियली एक्टिंग। किसी भी कैरेक्टर को कंविसिंगली प्ले करना मेरे लिए बहुत मजेदार रहता है हालांकि यह मेरे लिए खुद को कसौटी पर कसने जैसा होता है। सो मुझे यह कहने में जरा भी हिचक नहीं होती कि मैं एक पैशनेट एक्ट्रेस हूं।








